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डिलेवरी के दौरान में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है

डिलेवरी के दौरान अस्पताल में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है ?


नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों- आज में आपको किसी भी महिला के डिलेवरी के समय कौन - कौन से इंजेक्शन लगाये जाते है के बारे में बताने जा रहा हु दोस्तों अक्सर देखा जाता है की महिला को अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद इनकी डिलेवरी में बहुत मुसीबत महसूस होती है डिलेवरी के समय किसी महिला का बच्चा बहार नहीं आ पा रहा और डिलेवरी के समय किसी महिला के पेट में दर्द नहीं हो रहा या डिलेवरी के दौरान पेट में कोई हलचल (Movement) नहीं हो रही - ऐसी स्थिति में अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीज को इंजेक्शन लगवाने के लिये बोलते है ताकि डिलेवरी के दौरान बच्चा जल्द ही पेट से बहार आ जाये और डिलेवरी होने वाली महिला को दर्द भी बहुत कम महसूस हो - दोस्तों डिलेवरी के समय लेबरपेन शुरू होता है या उस समय या बाद में कौन - कोनसे इंजेक्शन लगाये जाते है इन्ही के बारे में आज में आपको बताने जा रहा हु जब महिला प्रेग्नेंट होती है और कुछ महीनो बाद उसको डिलेवरी के लिये अस्पताल में ले जाया जाता है उस समय जो बच्चा होता है वह बच्चेदानी (utars) में होता है और यह बच्चा बच्चेदानी से कब बहार निकलेगा जब बच्चेदानी के बॉल सिकुड़ीहोगी या वह बच्चेदानी संकुचित होगी और बच्चा बच्चेदानी के रास्ते बहार आ जायेगा और डिलेवरी महिला के पेट से प्रेशर आयेगा।

डिलेवरी के दौरान में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है - Image 1

जब बच्चेदानी का मुँह कम खुला होता है तो बच्चा बहार नहीं आ पाता है और समय के पहले ही महिला को दर्द महसूस होने लगता है यानि सातवे और आठवें महीने में दर्द महसूस होना - चलये दोस्तों जानते हैडिलेवरी के दौरान अस्पताल में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है ?

डिलेवरी के दौरान अस्पताल में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है ?
पहला इंजेक्शन - OXYTOCIN

OXYTOCIN का इंजेक्शन IM और IV (मानव केमांस में और हाथों की नसों में) लगाया जा सकता है यह इंजेक्शन उन महिलाओ के लिये है जो डिलेवरी के दौरान दर्द नहीं आ रहा है या बहुत समय से अस्पताल में भर्ती है उनको यह इंजेक्शन दर्द लाने के लिए लगाया जाता है इसको लगाने के बाद डिलेवरी महिला का लेबरपेन शुरू होने लगेगा और OXYTOCIN इंजेक्शन सब कार्य करने के बाद डिलेवरी महिला के खून के बहाव को कम करता है OXYTOCIN का इंजेक्शन महिला की डिलेवरी होने के बाद भी लगाया जा सकता है क्योकि यह डिलेवरी महिला के दूद को बढ़ाने में सहायक है OXYTOCIN का इंजेक्शन बच्चेदानी के ऊपर मांसपेशियों को सिकुड़ने का कार्य भी करता है जिससे बच्चा बच्चेदानी से बहार जल्दी आ जाता है मांसपेशिया रिलेक्स होगी तो बच्चा वही पर रहेगा।

OXYTOCIN इंजेक्शन कानुकसान
  • ह्रदय गति को तेज करता है।
  • घबराहट होती है।
  • उल्टी हो सकती है।
  • बल्ड प्रेशर को कम करता है।

डिलेवरी के दौरान में कौनसे इंजेक्शन लगाये जाते है - Image 2

दूसरा इंजेक्शन - METHYERGOMETRINE

METHYERGOMETRINE - डिलेवरी महिला के दर्द होने लगा है और महिला अपने शरीर से बच्चे को बहार निकालने में ताकत नहीं लगा पा रही है तो ऐसी स्थिति में METHYERGOMETRINE इंजेक्शन लगाया जाता है यह इंजेक्शन IM / IV और SC लगाया जा सकता है यह इंजेक्शन 0. 2 MG /ML में होता है इसकी टेबलेट भी दी जा सकती है टेबलेट 0. 125 MG है।

METHYERGOMETRINE इंजेक्शन कानुकसान
  • महिला के पेरो में गठन हो जाती है।
  • बल्ड प्रेशर को कम करता है।

तीसरा इंजेक्शन - VALETHAMATF BROMIDE

VALETHAMATF BROMIDE यह इंजेक्शन 8 MG/ML में आता है यह इंजेक्शन बच्चेदानी के मुँह को खोलने का कार्य करता है ऐसी महिला की बच्चेदानी 1 फिंगर या 2 फिंगर यानि की एक इंच या दो इंच खुली हुई है जिससे डिलेवरी महिला का बच्चा बहार नहीं आ पा रहा है इस स्थिति में डॉक्टर VALETHAMATF BROMIDE इस इंजेक्शन का उपयोग करते है यह इंजेक्शन लगाने से डिलेवरी महिला की बच्चेदानी का मुँह खुल जाता है और सामान्य डिलेवरी हो जाती है।

VALETHAMATF BROMIDE इंजेक्शन कानुकसान
  • बच्चा उल्टा होने पर काम नहीं करेगा।
  • बच्चा महिला की बच्चेदानी की हड्डी में फ़सा होने पर काम नहीं करेगा।
  • बल्ड प्रेशर कम होगा।
  • आँखों की पुतलिया सिकुड़ जायेगा।
चौथा इंजेक्शन - RITODRINE HYDROCHLORIDE

RITODRINE HYDROCHLORIDE इस इंजेक्शन का उपयोग - कई बार बच्चेदानी का मुँह नहीं खुला है और महिला में 6 से 7 माह में दर्द शुरू हो गया है और डिलेवरी महिला की बच्चेदानी सिकुड़ रही है और महिला में दर्द रहने लग गया है इसलिए यह इंजेक्शन लगाया जाता है इसकी टेबलेट भी आती है इस इंजेक्शन को आप RITODRINE HYDROCHLORIDE 10 MG WITH 100 और 500 ML DEXTROSE FLUIDS के साथ चढ़ाया जाता है यह इंजेक्शन ड्रिप के साथ लगाया जाता है इस ड्रिप मेंकम से कम एक मिनट में4 बून्द गिरनी चाहिए यह आपके कॉन्ट्रैक्ट को कम करेगा।

नुकसान
  • ह्रदय गति को तेज करता है
  • बल्ड प्रेशर बढ़ाता है।

मेरे प्यारे दोस्तों में आप सबका दोस्त पंकज कुमावत - मेरी पोस्ट अगर आपको अच्छी लगी हो तो प्लीज लाइक और शेयर करें - हमने सिर्फ ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर ले। सदैव खुश रहे और फिट रहे।


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